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            <![CDATA[ वाणी प्रकाशन ग्रुप द्वारा 'साहित्य-उत्सव' का बनारस में लोकार्पण। ]]>
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            <![CDATA[ https://frontlist.in/public/vanae-parakashana-garapa-thavara-sahataya-utasava-ka-bnarasa-ma-lkarapanae ]]>
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        <description>
            <![CDATA[ <p><strong>प्रेस-विज्ञप्ति</strong></p><p>• देश के अग्रणी प्रकाशन ग्रुप वाणी प्रकाशन ग्रुप &nbsp;ने किया बनारस में 'साहित्य-उत्सव' का लोकार्पण।<br>• बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में 16 सितम्बर तक 'वाणी साहित्य उत्सव' में पुस्तक-प्रदर्शनी और साहित्यिक जलसा।<br>• नयी पुस्तकों के साथ अकादमिक समवाय भी नि:शुल्क आयोजित किये जा रहे हैं।</p><p>वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के राधा कृष्णन सभागार में वाणी प्रकाशन ग्रुप की वार्षिक पुस्तक-प्रदर्शनी व साहित्य उत्सव का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं महत्त्वपूर्ण शायर डॉ. वशिष्ठ अनूप ने किया।&nbsp;</p><p>अपने उद्घाटन-वक्तव्य में उन्होंने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से हम एक जगह रहते हुए न जाने कितनी दुनियाओं की सैर कर लेते हैं और वाणी ने इस कार्य को आज उपलब्ध कराया है। देश के जो प्रतिष्ठित प्रकाशक हैं उनमें वाणी ने अग्रणी स्थान बनाया है। निष्ठा से और अपने बहुत ईमानदार प्रयासों से देश भर में इनकी जो प्रदर्शनियाँ लग रही हैं] उनसे पाठकों तक किताबें पहुँच रही हैं। अभी जिन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ, &nbsp;उनमें ^साहित्यिक निबन्ध^ कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। साहित्य और साहित्येतर के विषयों के बहुत अच्छे लेख हैं और बहुत परिश्रम से लिखे हुए लेख हैं। त्रिभुवन सिंह और विजय बहादुर सिंह जी ने बहुत श्रम से इस कार्य को सम्पादित किया था। वहीं विवेक सिंह की पुस्तक 'उत्तर सत्यवाद' के लोकार्पण के अवसर पर हिन्दी के प्रख्यात कवि अरुण कमल की यह बात उल्लेखनीय रही कि 'हिन्दी में ऐसी कोई किताब मेरे हाथ पहले न लगी।' इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष ने विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वाणी प्रकाशन के अरुण माहेश्वरी और अदिति माहेश्वरी-गोयल को धन्यवाद ज्ञपित किया।&nbsp;<br>कार्यक्रम के आरम्भ में वाणी प्रकाशन की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल ने डॉ. धर्मवीर भारती को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रो. प्रभाकर सिंह, प्रो. बाबू राम शर्मा, डॉ. लहरी राम मीणा आदि की उपस्थिति रही।</p><p>ज्ञात हो कि वाणी प्रकाशन ग्रुप भारत का अग्रणी प्रकाशन समूह है जिसने अपने साठवें वर्ष में प्रवेश किया है। इस उपलक्ष्य में यह संकल्प लिया है कि पूरे वर्ष 60 साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन विश्व भर में किया जायेगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में यह 19वाँ साहित्य-उत्सव कार्यक्रम है।</p><p><strong>पुस्तकों का लोकार्पण</strong><br>पाठकों के लिए वाणी प्रकाशन ग्रुप से प्रकाशित नयी पुस्तकें ‘रामचन्द्र शुक्ल : कल, आज और कल’ (संपादक : अभय कुमार ठाकुर, ‘उत्तर-सत्यवाद’ (विवेक सिंह), ‘छन्द तेरी हँसी का’ (वशिष्ठ अनूप) और ‘साहित्यिक निबन्ध’ (सम्पादक : त्रिभुवन सिंह, विजय बहादुर सिंह) उपलब्ध होंगी।</p><p><strong>अकादेमिक संवाय</strong><br>‘आलोचनात्मक विषयों पर पाण्डुलिपि कैसे तैयार करें : लेखक, सम्पादक और प्रकाशक की भूमिका’ विषय पर प्रो. राजकुमार के साथ चर्चा का आयोजन 5 सितम्बर को सुबह 10 बजे किया जा रहा है।</p><p><br>विस्तृत जानकारी के लिए हमें ई-मेल करें<br><strong>aditi@vaniprakashan.in</strong><br>या वाणी प्रकाशन ग्रुप के इस हेल्पलाइन नम्बर पर सम्पर्क करें : <strong>+91 9999578418</strong><br><strong>धन्यवाद</strong></p><figure class="image"><img src="https://www.frontlist.in/storage/ckeditor/1693892722_processed-af930f26-1d28-4d02-b7d1-ab3957d9d37d_J9LvwXtp.jpeg"></figure><figure class="image"><img src="https://www.frontlist.in/storage/ckeditor/1693892734_processed-2c7a3a57-0445-4492-a5df-2bf5abaef059_POq8wJrM.jpeg"></figure> ]]>
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        <language>en</language>
        <pubDate>Tue, 09 05, 2023 04:41 pm</pubDate>
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                <![CDATA[ वाणी प्रकाशन ग्रुप द्वारा 'साहित्य-उत्सव' का बनारस में लोकार्पण। ]]>
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                <![CDATA[ <p><strong>प्रेस-विज्ञप्ति</strong></p><p>• देश के अग्रणी प्रकाशन ग्रुप वाणी प्रकाशन ग्रुप &nbsp;ने किया बनारस में 'साहित्य-उत्सव' का लोकार्पण।<br>• बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में 16 सितम्बर तक 'वाणी साहित्य उत्सव' में पुस्तक-प्रदर्शनी और साहित्यिक जलसा।<br>• नयी पुस्तकों के साथ अकादमिक समवाय भी नि:शुल्क आयोजित किये जा रहे हैं।</p><p>वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के राधा कृष्णन सभागार में वाणी प्रकाशन ग्रुप की वार्षिक पुस्तक-प्रदर्शनी व साहित्य उत्सव का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं महत्त्वपूर्ण शायर डॉ. वशिष्ठ अनूप ने किया।&nbsp;</p><p>अपने उद्घाटन-वक्तव्य में उन्होंने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से हम एक जगह रहते हुए न जाने कितनी दुनियाओं की सैर कर लेते हैं और वाणी ने इस कार्य को आज उपलब्ध कराया है। देश के जो प्रतिष्ठित प्रकाशक हैं उनमें वाणी ने अग्रणी स्थान बनाया है। निष्ठा से और अपने बहुत ईमानदार प्रयासों से देश भर में इनकी जो प्रदर्शनियाँ लग रही हैं] उनसे पाठकों तक किताबें पहुँच रही हैं। अभी जिन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ, &nbsp;उनमें ^साहित्यिक निबन्ध^ कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। साहित्य और साहित्येतर के विषयों के बहुत अच्छे लेख हैं और बहुत परिश्रम से लिखे हुए लेख हैं। त्रिभुवन सिंह और विजय बहादुर सिंह जी ने बहुत श्रम से इस कार्य को सम्पादित किया था। वहीं विवेक सिंह की पुस्तक 'उत्तर सत्यवाद' के लोकार्पण के अवसर पर हिन्दी के प्रख्यात कवि अरुण कमल की यह बात उल्लेखनीय रही कि 'हिन्दी में ऐसी कोई किताब मेरे हाथ पहले न लगी।' इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष ने विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वाणी प्रकाशन के अरुण माहेश्वरी और अदिति माहेश्वरी-गोयल को धन्यवाद ज्ञपित किया।&nbsp;<br>कार्यक्रम के आरम्भ में वाणी प्रकाशन की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल ने डॉ. धर्मवीर भारती को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रो. प्रभाकर सिंह, प्रो. बाबू राम शर्मा, डॉ. लहरी राम मीणा आदि की उपस्थिति रही।</p><p>ज्ञात हो कि वाणी प्रकाशन ग्रुप भारत का अग्रणी प्रकाशन समूह है जिसने अपने साठवें वर्ष में प्रवेश किया है। इस उपलक्ष्य में यह संकल्प लिया है कि पूरे वर्ष 60 साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन विश्व भर में किया जायेगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में यह 19वाँ साहित्य-उत्सव कार्यक्रम है।</p><p><strong>पुस्तकों का लोकार्पण</strong><br>पाठकों के लिए वाणी प्रकाशन ग्रुप से प्रकाशित नयी पुस्तकें ‘रामचन्द्र शुक्ल : कल, आज और कल’ (संपादक : अभय कुमार ठाकुर, ‘उत्तर-सत्यवाद’ (विवेक सिंह), ‘छन्द तेरी हँसी का’ (वशिष्ठ अनूप) और ‘साहित्यिक निबन्ध’ (सम्पादक : त्रिभुवन सिंह, विजय बहादुर सिंह) उपलब्ध होंगी।</p><p><strong>अकादेमिक संवाय</strong><br>‘आलोचनात्मक विषयों पर पाण्डुलिपि कैसे तैयार करें : लेखक, सम्पादक और प्रकाशक की भूमिका’ विषय पर प्रो. राजकुमार के साथ चर्चा का आयोजन 5 सितम्बर को सुबह 10 बजे किया जा रहा है।</p><p><br>विस्तृत जानकारी के लिए हमें ई-मेल करें<br><strong>aditi@vaniprakashan.in</strong><br>या वाणी प्रकाशन ग्रुप के इस हेल्पलाइन नम्बर पर सम्पर्क करें : <strong>+91 9999578418</strong><br><strong>धन्यवाद</strong></p><figure class="image"><img src="https://www.frontlist.in/storage/ckeditor/1693892722_processed-af930f26-1d28-4d02-b7d1-ab3957d9d37d_J9LvwXtp.jpeg"></figure><figure class="image"><img src="https://www.frontlist.in/storage/ckeditor/1693892734_processed-2c7a3a57-0445-4492-a5df-2bf5abaef059_POq8wJrM.jpeg"></figure> ]]>
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            <category>Publisher Event</category>
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            <pubDate>Tue, 09 05, 2023 04:41 pm</pubDate>
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